प्रवीण
|
“…जीवन में बहुत सी बातें हैं जो मेरा ध्यान को आकर्षित करती है
लेकिन उनमें से कुछ ही केवल मेरे दिल को आकर्षित कर पाती है
मैं उन्ही बातों को आपना लक्ष्य बनता हूँ …”
|
|
“…जीवन में बहुत सी बातें हैं जो मेरा ध्यान को आकर्षित करती है
लेकिन उनमें से कुछ ही केवल मेरे दिल को आकर्षित कर पाती है
मैं उन्ही बातों को आपना लक्ष्य बनता हूँ …”
|
जून 27, 2011 @ 20:58:02
jeevan mein jo deekhta hai wo hota nahenn aur jo hota hai usko aadmi samjhta naheen. Isiliye aap se mera sadar anugrah hai ki un baaton par bhi dhyan akarshit karein jo ki aap ke hrday ko naheen bhati….
mere traf se hardik subhkamnaiyen aapke ujjawal bhawishay k liye.
जून 27, 2011 @ 21:11:05
जरुर ध्यान दूँगा में