अमन की आशा

जीना सभी चाहते

आपकी तारीफ में क्या लिखों,
आखों की कसीस इतनी,
देखते ही महफ़िल मदहोश हुआ है!

यहाँ जीना सभी चाहते,
इस सुन्दरता पे…
मरे बिना रहा नहीं जाता!

-प्रवीण

नव वर्ष की हार्दिक शुभकामनायें

सभी को नव वर्ष  की हार्दिक शुभकामनायें!
यह वर्ष आप सभी के जीवन में बहुत सारी खुशिया और सफलता लाये!

-प्रवीण

कश्मीर

स्वर्ग को चूम,
खुशीओं की हवायें बिखर गई,
अनजान अनदेखी दिशाओं में,
जब जब घाटी में जली बर्फ़,

सपनों को चूम,
जवानी की कलियाँ बिखर गई,
अनजान अनदेखी वादियों में,
जब जब घाटी में जली बर्फ़,

जीवन को चूम,
परिवारों की आश मिट गई
अज्ञात अनसुलझी इतिहास की गलतीओं में,
जब जब घाटी में जली बर्फ़,

क्या खोया, क्या पाया …?
भीगे हर नयन अपने थे !
जब जब घाटी में जली बर्फ़,

-प्रवीण

मेरे दिन रात

दिन, दिन तू ये कहने को है !
रात, रात तू ये कहने को है!

हमारी रात तू तब होती है,
जब आपकी जुल्फ़ की चिलमन मैं,
मैं खो जाता हूँ!

हमारी सुबह तू तब होती है
जब आपके लब हमारे लब पे आते है!

रात बीतती है जब आपकी बाहों में,
तब सुबह का अहसास होता है!

हर रात जो बिना आपके गुजरे,
वो एक तड़प सी रहती है!

आपकी हर मुस्कान पे,
में प्याले डूब जाता हूँ !

-प्रवीण

एक मूकाभिनय कलाकार

एक मूकाभिनय कलाकार गाम्ला स्तान (Gamla Stan) , स्टॉकहोम (स्वीडन) के पास

एक मूकाभिनय कलाकार गाम्ला स्तान (Gamla Stan) , स्टॉकहोम (स्वीडन) के पास

तुम याद आई इतना

जिंदिगी का हर पल ,
सदियों में बदल गया,
तुम याद आई इतना !

एक बूंद की प्यास में,
मैं सागर पी गया,
तुम याद आई इतना !

-प्रवीण

आपकी जुल्फों

 

ये आपकी बिखरी जुल्फ की ख़ता है,
हम नहीं जानते !
ये मेरा दिल भी धराकता है, 
हम इतना जानते है! 
ये आपकी खुली जुल्फ की कशिस  है, 
हम नहीं जानते ! 
ये हवाएं आज बईमान है,  
हम इतना जानते है !
ये आपकी घनी जुल्फ की छाया है,
हम नहीं जानते!
ये रेशमी रात है,
 हम इतना जानते है!
ये आपकी लब पर आयी जुल्फ की शरारत है,
हम नहीं जानते !
ये मेरे प्याले में आग लगी है,
हम इतना जानते है !
ये जुल्फों के चिलमन से झाँकती आपकी मूरत  है,
 हम नहीं जानते!
ये आमवास की रात में चाँद निकल आया है,  
हम इतना जानते है! 
ये आपकी जुल्फों से छायी खुबसूरती का नशा है,
 हम नहीं जानते! 
ये मेरी आखायें हरपल आपको देखती है, 
हम इतना जानते है! 
ये आपकी मोहब्बत है या मेरी  है, 
हम नहीं जानते! 
ये मेरा दिल आपका है, 
हम इतना जानते है!
-प्रवीण 

एक दिन बाल्टिक सागर में : स्टॉकहोम से मरिहमं

 

स्टॉकहोम से मरिहमं जाने के रास्ते में

स्टॉकहोम से मरिहमं जाने के रास्ते में

में स्टॉकहोम, स्वीडन में रहता हूँ!  मैंने हाल की गर्मियों अपने कुछ दोस्तों के साथ में स्टॉकहोम से मरिहमं की समुंदरी यात्रा की थी| हमलोग सिन्देरेल्ला (Cinderella), विकिंग लाइन नाम के जहाज से गए थे| हमलोग शुक्रवार की शाम लगभग 4:30 बजे सिन्देरेल्ला पर सावर होने के लिए स्लुस्सें (Slussen), स्टॉकहोम स्थित बंदरगाह पंहुच गए| इससे पहेल भी मैंने समुद्री यात्रायें की थी पर कभी बाल्टिक सागर में नहीं गया था| स्वीडन के आस पास बहुत सारे अरचिपेलगो(Archipelago : A chain or cluster of Islands that are formed tectonically) है, में ये अरचिपेलगो देखने का बहुत ही इछुक था, क्यूँकि अरचिपेलगो बहुत ही सुन्दर प्राकृतिक नज़ारा होता है और यह अदभुत है( तस्वीरें देखएँ)|

मरिहमं, फिनिश संप्रभुता के अधीन बाल्टिक सागर में एक स्वायत्त क्षेत्र ओलैंड की राजधानी है। ओलैंड की लगभग ४०% जनसंख्या शहर में रहती हैं। ओलैंड की तरह ही मरिहमं में लगभग ८८जनसख्या की मूलभाषा स्वीडिश है| मरिहमं शहर का नाम रूस के अलेक्जेंडर द्वितीय की महारानी मारिया अलेक्सान्द्रोवना के नाम पर रखा गया था| मरिहमं की स्थापना 1861 में Övernäs गांव के आसपास की गई थी| मरिहमं शहर एक प्रायद्वीप पर स्थित है; जिसमें दो महत्वपूर्ण बंदरगाहों है, एक पश्चिमी तट और एक पूर्वी तट पर स्थित है| पश्चिमी तट पर स्थित हार्बर का इस्तमाल स्वीडन और फिनलैंड की मुख्य भूमि से लिए दैनिक यातायात के लिए किया जाता है और इसके साथ यह एक महत्वपूर्ण अंतर्राष्ट्रीय बंदरगाह भी है|

में यहाँ आप लोग के साथ आपनी यात्रा की कुछ चुनिदा तस्वीरें बाटना चाहता हूँ, और आशा करता हूँ ये तस्वीरें आपको पसंद आएँगी |

धन्यवाद

-प्रवीण

जिंदिगी गुलिस्ताँ भी है

 मेरे कैमरा से... एक रोमांटिक शाम Kungsträdgården, Stockholm में ...

मेरे कैमरा से... एक रोमांटिक शाम Kungsträdgården, Stockholm में ...

 

जिंदिगी सुर्ख रेत की तरह थी,

आपके स्पर्श से जाना

जिंदिगी गुलिस्ताँ भी है.

 

जब हम आपनी ही यादों में  तनहां थे,

पल पल ज़िन्दगी  सवाली थी,

आपके प्यार से जाना

जिंदिगी गुलिस्ताँ भी है.

-प्रवीण